सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने मिलावटी और नियमविरुद्ध कीटनाशकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई औचक जांच के दौरान तीन कृषि आदान केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद संदिग्ध कीटनाशक सामग्री जब्त कर बिक्री पर रोक लगा दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों की फसल और हितों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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निरीक्षण के दौरान भटगांव स्थित मेसर्स उन्नत कृषि सेवा केंद्र में एक्सपायरी कीटनाशकों का भंडारण, प्रदर्शन और वितरण पाया गया। जांच में बिना वैध लाइसेंस के बिक्री किए जाने की बात भी सामने आई। वहीं मेसर्स उमा कृषि केंद्र, जमगहन में कीटनाशी अधिनियम-1968 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कारोबार संचालित किया जा रहा था। इसी तरह भटगांव स्थित मेसर्स पुष्पराज केशरवानी के प्रतिष्ठान में तीन कंपनियों के मिसब्रांडेड कीटनाशक मिलने पर पूरा स्टॉक जब्त कर विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।
कृषि विभाग ने बताया कि संदिग्ध उत्पादों के संबंध में संबंधित कंपनियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण वरिष्ठ कार्यालय भेजा जाएगा। अभियान के दौरान कीटनाशी निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, मायाशंकर जोल्हे और बीटीएम प्रकाश कुमार थवाईत भी मौजूद रहे। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले में अब तक 46 विक्रय केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 22 प्रतिष्ठानों को नोटिस,11 लाइसेंस निरस्त तथा 9 केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
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उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने किसानों से अपील की है कि कीटनाशक खरीदने से पहले उत्पाद की एक्सपायरी तिथि अवश्य जांचें और केवल अधिकृत लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कृषि आदान खरीदें। इससे फसल की गुणवत्ता सुरक्षित रहेगी और आर्थिक नुकसान से भी बचाव होगा। फिलहाल, कृषि विभाग का यह अभियान जिलेभर में लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे और किसानों के हितों से समझौता करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा।
