नई दिल्ली। पाकिस्तान द्वारा कराची में हुए आतंकी हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कराची की घटना को लेकर भारत के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को आत्ममंथन करने और आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने भीतर झांकना चाहिए और आतंकवाद को संरक्षण देना बंद करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि जो देश अपने घर में आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, अंततः वही उससे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
दरअसल, 27 जून की रात कराची में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का दावा किया, हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।
