नॉर्वे के अखबार की नस्लभेदी हरकत: पीएम मोदी को ‘सपेरा’ दिखाने वाले कार्टून पर वैश्विक बवाल, राहुल गांधी से पत्रकार ने मांगा इंटरव्यू

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ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नॉर्वे की महिला पत्रकार हेले लिंग (Helle Lyng) के तीखे सवालों पर पीएम मोदी के जवाब न देने पर शुरू हुए हंगामे के बीच, नॉर्वे के सबसे बड़े अखबार ‘आफ्टेनपोस्टेन’ (Aftenposten) ने पीएम मोदी का एक नस्लभेदी कार्टून छापकर आग में घी डाल दिया है। इस कार्टून में पीएम मोदी को हाथ में बीन जैसी पाइप पकड़े एक ‘सपेरे’ के रूप में दिखाया गया है, जो पेट्रोल स्टेशन की पाइप रूपी सांप को नियंत्रित कर रहे हैं। यह चित्र एक ओपिनियन आर्टिकल के साथ छपा, जिसका शीर्षक ‘एक चालाक और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी’ था।

इस कार्टून के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल और अमेरिकी विशेषज्ञ कार्ल व्लेल्स ने इसे पश्चिमी मीडिया का “औपनिवेशिक अहंकार और नस्लवाद” करार दिया है। आलोचकों का कहना है कि यूरोप अब भी भारत को लेकर अपनी पुरानी और विकृत सोच से बाहर नहीं निकल पाया है।

इस बीच, नॉर्वे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता पर सवाल पूछने वाली पत्रकार हेले लिंग ने भारत की रैंकिंग (157वें स्थान) का हवाला देते हुए पीएम मोदी पर सवाल न लेने का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए एक्स (X) पर लिखा कि “छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो डरने की भी बात नहीं है।” हालांकि, इस पूरी कहानी में नया ट्विस्ट तब आया जब महिला पत्रकार हेले लिंग ने सोशल मीडिया पर खुद राहुल गांधी को टैग करते हुए सीधे फोन इंटरव्यू का समय मांग लिया, जिससे यह सियासी विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है।