नई दिल्ली। ऑनलाइन दवा बिक्री (ई-फार्मेसी) और कॉर्पोरेट कंपनियों से मिल रही कड़ी चुनौती के विरोध में आज देशभर के दवा कारोबारी हड़ताल पर हैं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के देशव्यापी आह्वान पर आज, 20 मई 2026 को देश की 15 लाख से ज्यादा दवा दुकानें एक दिन के लिए पूरी तरह बंद हैं। इस हड़ताल से देश के कई हिस्सों में दवाओं की सामान्य सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है, हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर खुले रखे गए हैं और इमरजेंसी दवाओं की आपूर्ति जारी है।
दवा दुकानदारों की मुख्य नाराजगी सरकार की नीतियों और ई-फार्मेसी से है। दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक दवाइयां पहुंचाने के लिए ऑनलाइन स्टोर्स को डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन और घर-घर डिलीवरी जैसी कई बड़ी रियायतें दी थीं। संगठन का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां सरकारी नियमों (GSR 220(E) और GSR 817(E)) की कमियों का फायदा उठाकर बिना कड़े नियमों के दवाएं बेच रही हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों का रोजगार छिन रहा है।
केमिस्टों की प्रमुख मांगों में बिना नियमों के चल रही ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाना, ई-फार्मेसी के लिए सख्त नियम बनाना और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ‘गलत या नकली पर्चियों’ के इस्तेमाल को रोकना शामिल है। दुकानदारों का कहना है कि वे ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले 20% से 50% तक के भारी डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर सकते, जिससे मोहल्ले की छोटी दुकानें बंद होने की कगार पर हैं। साथ ही, बिना जांच के दवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी लोगों की सेहत के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रही है।
