संकट के बीच मसीहा बनी इंडियन ऑयल: मुनाफा 81% बढ़ा, जंग के बावजूद देश में नहीं होगी कच्चे तेल और LPG की किल्लत

Follow Us

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग पर जारी संकट के बावजूद देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने स्पष्ट किया है कि उसके पास एक महीने से अधिक का पर्याप्त कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) का स्टॉक मौजूद है। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग के प्रभावित होने से एलपीजी (LPG) की आपूर्ति में कुछ रुकावटें जरूर आई थीं, क्योंकि यह मार्ग भारत के कुल ऊर्जा आयात का 50% और खाड़ी देशों से आने वाली LPG का 90% हिस्सा संभालता है। लेकिन आईओसीएल ने अब इंडोनेशिया, नाइजीरिया, अंगोला और ओमान जैसे देशों से तत्काल खरीद (स्पॉट प्रोक्योरमेंट) शुरू कर आपूर्ति को पूरी तरह संभाल लिया है।

इस वैश्विक संकट के बीच कंपनी ने वित्तीय मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में आईओसीएल का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 81% की भारी उछाल के साथ 15,176.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 8,367.63 करोड़ रुपये था। इस मुनाफे के साथ कंपनी के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 12.5% यानी 1.25 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इंडियन ऑयल ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 32,700 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च (Capex) की योजना बनाई है। इसके तहत कंपनी अपनी विभिन्न रिफाइनरियों की क्षमता विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। पानीपत रिफाइनरी की क्षमता 15 से बढ़ाकर 25 MMTPA, गुजरात रिफाइनरी की क्षमता 18 MMTPA और बरौनी रिफाइनरी की क्षमता 9 MMTPA की जा रही है। दिसंबर 2026 तक इन सभी विस्तार परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।