नई दिल्ली। एयर इंडिया के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की तलाश तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर निपुण अग्रवाल और विस्तारा के पूर्व CEO विनोद कन्नन इस पद के लिए प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। टाटा समूह ऐसे नेतृत्वकर्ता की तलाश में है जो एयरलाइन को उसके बदलाव और विस्तार के महत्वपूर्ण दौर में नई दिशा दे सके। रिपोर्ट के अनुसार, निपुण अग्रवाल को मजबूत आंतरिक उम्मीदवार माना जा रहा है। उन्होंने एयर इंडिया की पुनर्गठन और पुनरुद्धार रणनीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी के व्यावसायिक संचालन और लागत प्रबंधन में उनकी सक्रिय भागीदारी को उनकी प्रमुख ताकत माना जा रहा है।
दूसरी ओर, विनोद कन्नन के पास पूर्ण सेवा (फुल-सर्विस) एयरलाइन संचालन का व्यापक अनुभव है। एयर इंडिया और विस्तारा के विलय से पहले वे विस्तारा का नेतृत्व कर चुके हैं और एविएशन इंडस्ट्री में उनकी प्रबंधन क्षमता को काफी सम्मान दिया जाता है। जानकारों का मानना है कि बड़े पैमाने की अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन संचालन का उनका अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा CEO कैंपबेल विल्सन द्वारा अप्रैल में इस्तीफे की घोषणा के बाद नए प्रमुख की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज हुई है। हालांकि, अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है और टाटा समूह के भीतर इस संबंध में चर्चा जारी है। सूत्रों के मुताबिक, निपुण अग्रवाल को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, समूह के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चल रही आंतरिक चर्चाओं के कारण नियुक्ति प्रक्रिया में सावधानी बरती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर इंडिया के लिए यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि कंपनी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत करने और सेवा गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों में जुटी हुई है। ऐसे में नए CEO के सामने एयरलाइन के विस्तार, परिचालन दक्षता और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।
