कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही टीएमसी नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी जांच एजेंसियों और राज्य सरकार के निशाने पर हैं। अब कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों का हिसाब-किताब मांगते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। केएमसी ने उनके कालीघाट रोड और शांतिनिकेतन बिल्डिंग सहित अन्य ठिकानों पर नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि, यदि नक्शे से अलग हुआ अवैध निर्माण सात दिनों के भीतर नहीं हटाया गया, तो निगम खुद उसे ध्वस्त कर देगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में दावा किया था कि, अभिषेक की कुल 24 संपत्तियां जांच के दायरे में हैं।
इस बीच, 19D सेवन टैंक रोड स्थित एक फ्लैट के मालिकाना हक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। केएमसी के दस्तावेजों में इस संपत्ति पर अभिषेक बनर्जी के साथ ‘सयानी घोष’ नाम की एक महिला का नाम संयुक्त मालिक (ज्वाइंट ओनर) के रूप में दर्ज है। इस लिस्ट के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में कयास लगाए जाने लगे कि क्या यह सह-मालिक टीएमसी सांसद सयानी घोष ही हैं?
मामले को तूल पकड़ता देख टीएमसी सांसद सयानी घोष ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। सयानी ने सफाई देते हुए लिखा कि वे नहीं जानतीं कि, वह महिला कौन है, लेकिन वह निश्चित रूप से वह सयानी घोष नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैंने एक साधारण बैकग्राउंड से शुरुआत की है और राजनीति से कोई बड़ा मुनाफा नहीं कमाया है। मेरे सभी एसेट्स चुनावी हलफनामे में दर्ज हैं।” उन्होंने फेक न्यूज फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना सबूत बदनाम करने वालों के खिलाफ वे सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगी और ऐसी धमकियों से पीछे नहीं हटेंगी।
