कोलकाता। पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल डायमंड हार्बर लोकसभा के अंतर्गत आने वाली फलता विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले सियासी उलटफेर हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार और सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान ने अचानक चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। चुनाव आयोग ने पिछले दिनों वोटरों को डराने और ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद यहां का मतदान रद्द कर दिया था, जिसके बाद अब दोबारा वोटिंग की तैयारी है।
जहांगीर खान के मैदान से हटने के बाद इस ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्र में मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है। कभी वामपंथियों का गढ़ रही इस सीट पर साल 2001 से टीएमसी का एकछत्र राज है और भाजपा ने आज तक यहां जीत का स्वाद नहीं चखा है। लेकिन बदले समीकरणों के बीच अब भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की किस्मत खुलती नजर आ रही है।
चुनावी मैदान में अब मुख्य रूप से भाजपा के देबांग्शु पांडा, कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला और सीपीआई (एम) के संभू नाथ कुर्मी के बीच टक्कर है। हलफनामे के अनुसार, भाजपा के 46 वर्षीय उम्मीदवार देबांग्शु पांडा पेशे से वकील हैं और उनकी सालाना आय 12 लाख रुपये है, हालांकि उनके खिलाफ 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, कांग्रेस के 65 वर्षीय प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला के पास 57.7 लाख रुपये की संपत्ति है, जबकि सीपीएम के 61 वर्षीय संभू नाथ कुर्मी 9.5 लाख रुपये की संपत्ति के साथ मैदान में हैं। टीएमसी के इस मजबूत गढ़ में इस बार भाजपा इतिहास रचने के लिए पूरा जोर लगा रही है।
