नई दिल्ली। विश्व कप से पहले ईरान की फुटबॉल टीम ने अमेरिका में लागू यात्रा प्रतिबंधों और वीजा संबंधी अनिश्चितताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था फीफा में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। मामला अमेरिका में होने वाले ग्रुप स्टेज मैचों के दौरान खिलाड़ियों की आवाजाही और प्रवेश नियमों से जुड़ा है।
FIFA के समक्ष यह मुद्दा उठाने की योजना ईरान की फुटबॉल महासंघ ने बनाई है। उनका कहना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध टीम की तैयारी और प्रतिस्पर्धा पर असर डाल सकते हैं और सभी टीमों को समान परिस्थितियां नहीं मिल पा रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी टीम अपने तीन ग्रुप मैचों के लिए सह-मेजबान मेक्सिको में बेस बनाकर रह रही है, लेकिन उसे अमेरिका में होने वाले मैचों के लिए यात्रा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वीजा प्रक्रिया में अनिश्चितता और राजनीतिक तनाव के कारण टीम की योजना प्रभावित हो रही है।
टीम के कोच अमीर घलेनोई ने कहा है कि ईरान को इस टूर्नामेंट में “सबसे अधिक दबाव और प्रतिबंध झेलने वाली टीम” के रूप में देखा जा रहा है। उनके अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने टीम को केवल मैच से 24 घंटे पहले देश में प्रवेश करने और उसी दिन वापस लौटने की अनुमति दी है, जिससे खिलाड़ियों की तैयारी और आराम प्रभावित हो सकता है।
ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि यह नियम खेल भावना और समान अवसर के सिद्धांतों के खिलाफ है। ईरान फुटबॉल महासंघ ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि ऐसे प्रतिबंध सभी भाग लेने वाली टीमों के लिए समान स्थिति सुनिश्चित करने के सिद्धांतों के विपरीत हैं और इससे तकनीकी तैयारी पर असर पड़ सकता है।
बयान में यह भी कहा गया कि टीम इस मामले को आधिकारिक तौर पर फीफा के सामने उठाएगी और निष्पक्ष समाधान की मांग करेगी। दूसरी ओर, फीफा की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, संस्था ने मीडिया के सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया है। इस पूरे विवाद ने विश्व कप से पहले ही एक नया राजनीतिक और खेल संबंधी तनाव पैदा कर दिया है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
