भाठागांव के नए सब्जी बाजार दुकान आवंटन में अनियमितता का आरोप, व्यापारियों ने की निष्पक्ष पुनःआवंटन की मांग

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रायपुर। राजधानी रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड क्रमांक 61, भाठागांव में नवनिर्मित सब्जी बाजार के दुकान आवंटन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय सब्जी व्यापारियों ने आवंटन प्रक्रिया में धांधली, परिवारवाद और दस्तावेजों में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर नए सिरे से पारदर्शी आवंटन की मांग की है।

बताया गया कि भाठागांव का यह नया सब्जी बाजार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से व्यापारियों की सुविधा के लिए बनवाया गया था। लेकिन आवंटन के समय वर्षों से व्यवसाय कर रहे स्थानीय व्यापारियों को नजरअंदाज करने का आरोप लग रहा है। ब्रम्हा सोनकर ने बताया कि इस मामले को लेकर पीड़ित व्यापारी नगर निगम कमिश्नर और मेयर से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान मंडल अध्यक्ष मनोज सोनकर, वार्ड अध्यक्ष टीकम सोनकर, राजा यादव, रूपेश सोनकर, करन सोनकर सहित बड़ी संख्या में सब्जी व्यापारी और वार्डवासी मौजूद रहे।

एक ही घर से 3-4 लोगों को आवंटन

व्यापारियों ने पूर्व पार्षद सतनाम सिंह पनाग और वार्ड 61 के छाया पार्षद ब्रम्हा सोनकर से मुलाकात कर अपनी शिकायतें बताईं। व्यापारियों का आरोप है कि एक ही परिवार के तीन-तीन, चार-चार सदस्यों को दुकानें आवंटित कर दी गई हैं, जबकि भाठागांव के वास्तविक पुराने व्यापारियों को जगह नहीं मिली है। वार्ड के बाहर के लोगों को भी दुकानें देने की शिकायत सामने आई है।

साथ ही बाजार में चिन्हित जगहों का साइज भी एक समान नहीं है। किसी को 8 फीट, किसी को 6 फीट और किसी को सिर्फ 4 फीट जगह की मार्किंग की गई है। इससे व्यापारियों में भारी नाराजगी है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि आवंटन से संबंधित कागजातों में व्हाइटनर लगाकर हेराफेरी की गई है।

पूर्व पार्षद सतनाम सिंह पनाग ने कहा कि यह बाजार भाठागांव के सब्जी व्यापारियों के लिए बना है, जो वर्षों से इसी व्यवसाय से परिवार पाल रहे हैं। उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं न कहीं शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत नजर आ रही है।

पारदर्शी आवंटन की 7 सूत्रीय मांग

1. वास्तविक और पुराने स्थानीय सब्जी व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाए।
2. एक परिवार से एक ही व्यक्ति को दुकान आवंटित की जाए।
3. आधार कार्ड और वोटर आईडी से सत्यापन किया जाए।
4. सभी को समान आकार (साइज) की जगह दी जाए।
5. आवंटन प्रक्रिया व्यापारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से हो, जरूरत पड़े तो लॉटरी से आवंटन किया जाए।
6. बाहरी लोगों को दिए गए आवंटन की जांच हो।
7. व्हाइटनर लगे दस्तावेजों सहित सभी कागजों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो और वर्तमान आवंटन को निरस्त कर नए सिरे से सर्वे कर आवंटन किया जाए।