नीदरलैंड्स के मंच से भारत का करारा जवाब: पीएम मोदी के दौरे पर कूटनीतिक बवाल, डच पीएम के बयान को कहा ‘लैक ऑफ नॉलेज’

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द हेग/नीदरलैंड्स। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड्स दौरे के बीच एक बड़ा कूटनीतिक विवाद सामने आया है। दरअसल, डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई थी, जिसे भारत सरकार ने पूरी तरह खारिज करते हुए बेहद करारा जवाब दिया है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस तरह के सवाल भारत के प्रति ‘ज्ञान और समझ की कमी’ (Lack of Knowledge) के कारण पैदा होते हैं। डच अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम जेटन ने कहा था कि उनकी सरकार को भारत में मीडिया की घटती आजादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता है।

इस टिप्पणी से खफा भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत मोर्चा संभाला। हेग में डच मीडिया के तीखे सवालों का सामना करते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट कहा कि भारत की आलोचना अक्सर देश के सामाजिक और लोकतांत्रिक ताने-बाने के बारे में अधूरी जानकारी के कारण की जाती है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि हमें ऐसे बेतुके सवालों का सामना सिर्फ इसलिए करना पड़ता है क्योंकि सवाल पूछने वाले व्यक्ति में भारत को लेकर बुनियादी समझ की भारी कमी है।

भारतीय अधिकारियों ने नीदरलैंड्स को याद दिलाया कि भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र है, जो संविधान के तहत अपने हर नागरिक को बोलने और जीने की पूरी आजादी की गारंटी देता है। भारत 5 हजार साल पुरानी महान सभ्यता का हिस्सा है और देश की सांस्कृतिक, धार्मिक व भाषाई विविधता इसकी सबसे बड़ी ताकत है। भारत के इस सख्त और स्वाभिमानी रुख ने साफ कर दिया है कि वह अपने आंतरिक मामलों में किसी भी देश की बिना सिर-पैर की बयानबाजी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।