भारत का फॉरेक्स रिजर्व 716.9 अरब डॉलर पहुंचा, चीनी कीमतों पर सरकार की सफाई

Follow Us

नई दिल्ली। आरबीआई के मुताबिक, 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 9.90 अरब डॉलर बढ़कर 716.91 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भी कुल विदेशी मुद्रा भंडार में 14.136 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी और यह 707.002 अरब डॉलर रहा था। इस वर्ष 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के चलते इसमें कई सप्ताह तक गिरावट देखी गई। रुपये पर दबाव बढ़ने के कारण आरबीआई को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करते हुए डॉलर की बिक्री करनी पड़ी।

बीजेपी की नई टीम की पहली बड़ी बैठक आज,’मोदी@25′ से चुनावी रणनीति तक मंथन

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां भी 7.225 अरब डॉलर बढ़कर 581.851 अरब डॉलर हो गईं। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। इन्हें आमतौर पर सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विदेशी मुद्रा भंडार में फिर से मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चीनी की कीमतों में तेजी पर सरकार ने दिया जवाब

केंद्र सरकार ने कहा है कि, चीनी की कीमतों में हालिया तेजी कम उत्पादन, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, मौसम से फसल को नुकसान, वैश्विक आपूर्ति में कमी और जमाखोरी जैसे कारणों से हुई है। खुदरा कीमत 20 जुलाई के 48.18 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 20 अगस्त को 55.70 रुपये पहुंच गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि, इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का इस्तेमाल कीमत बढ़ने का मुख्य कारण नहीं है। घरेलू उत्पादन अनुमान से घटकर 306 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। कीमतों पर नियंत्रण के लिए डीलरों पर 400 टन का स्टॉक सीमा नियम लागू है। सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को भी मंजूरी दी है।

ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान: आर्थिक दबाव के साथ खुले सैन्य विकल्प भी 

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग अहम, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाएंगे भारत-ब्रिटेन
भारत और ब्रिटेन ने शुक्रवार को रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। नई दिल्ली में हुई 25वीं भारत-UK रक्षा परामर्श समूह बैठक में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के स्थायी अवर सचिव जेरेमी पॉकलिंगटन ने की। दोनों देशों ने इंडिया-UK विजन 2035 और दस वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप के तहत अनुसंधान एवं विकास सहयोग की समीक्षा की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी अहम बताया गया। पॉकलिंगटन ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि से भी मुलाकात की।

होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा: ‘अब इसे अमेरिकी इलाका मानता हूं’