सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आसार, निवेशकों की नजर इन संकेतकों पर

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नई दिल्ली। आने वाले सप्ताह में सोने के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल, पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव सोने के बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे। हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर काफी सक्रियता रही है। ऐसे में अब निवेशकों का फोकस नए आर्थिक आंकड़ों पर रहेगा, जिनसे केंद्रीय बैंकों की आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

विशेष रूप से अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र के खरीद प्रबंधक सूचकांक यानी PMI के आंकड़ों पर बाजार की नजर रहेगी। PMI आंकड़े अर्थव्यवस्था की कारोबारी गतिविधियों और मांग की स्थिति का महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। इसके अलावा सप्ताह के अंत में अमेरिका से जारी होने वाले आवास बाजार, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के ऑर्डर और उपभोक्ता धारणा से जुड़े आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे। इन आंकड़ों में मजबूती या कमजोरी से ब्याज दरों को लेकर बाजार की अपेक्षाएं बदल सकती हैं, जिसका सीधा असर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और सोने की मांग पर पड़ सकता है। पिछले सप्ताह घरेलू वायदा बाजार में सोने ने मजबूती दर्ज की।

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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1,597 रुपये या 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली और इसका वायदा भाव 6,629 रुपये यानी करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 2.41 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, MCX पर सोना पिछले सप्ताह करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कमजोरी के साथ खुला, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी का समर्थन मिलने से इसमें सुधार आया और कीमत करीब 1.54 लाख रुपये तक पहुंच गई।

उनके मुताबिक यह तेजी उस अवधि के बाद आई है जिसमें बाजार वैश्विक वृहद आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रभाव का आकलन कर रहा था। आने वाले दिनों में यदि डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है तो सोने पर दबाव बन सकता है, जबकि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने या आर्थिक अनिश्चितता कायम रहने पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। इसी तरह कच्चे तेल में तेज बदलाव भी महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के जरिए बहुमूल्य धातुओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अगले सप्ताह सोने में सीमित दायरे के साथ तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और निवेशकों के लिए आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक बाजार संकेतकों पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

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