बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले में याचिकाकर्ता एवं दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल की गवाही शुरू हुई, लेकिन समयाभाव के कारण उनकी गवाही पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले में 16 नवंबर से आगे की गवाही दर्ज की जाएगी।
दरअसल, विजय बघेल ने 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान भूपेश बघेल ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था। विजय बघेल ने दावा किया है कि मतदान से पहले लागू 48 घंटे की प्रचार-निषेध अवधि के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में रैली निकाली गई थी।
निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग
विजय बघेल ने अपनी याचिका में भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि, निर्धारित समय में गवाही पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते अगली सुनवाई में शेष बयान दर्ज किए जाएंगे।
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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला
इस चुनाव याचिका पर भूपेश बघेल की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। बचाव पक्ष का तर्क था कि चुनाव याचिका निर्धारित समय-सीमा के बाद दाखिल की गई है। इस आपत्ति को लेकर कानूनी प्रक्रिया के दौरान मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब हाईकोर्ट में चुनाव याचिका पर आगे की सुनवाई हो रही है। फिलहाल सभी की निगाहें 16 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
