पूर्व मंत्री शिव डहरिया का भाजपा पर हमला, PSC विवाद से लेकर पेपर लीक और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता शिव डहरिया ने विभिन्न मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने PSC विवाद, पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन, जलभराव, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। दिल्ली में छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए डहरिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में PSC घोटाले के नाम पर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने NEET समेत पेपर लीक की घटनाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

छात्रों के आंदोलन पर कार्रवाई को लेकर डहरिया ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका दावा है कि रायपुर सहित कई स्थानों पर भी छात्र प्रदर्शन कर चुके हैं। बिलासपुर और रायपुर में जलभराव की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ऐसी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाता था, लेकिन अब शहरों में बारिश के दौरान गंभीर जलभराव देखने को मिल रहा है।

डहरिया ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है और भ्रष्टाचार के कारण आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। दुर्ग में शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों और डीएड अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उनका आरोप है कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

भाजपा की संगठनात्मक बैठक और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए डहरिया ने दावा किया कि पार्टी के भीतर गुटबाजी बढ़ रही है और इसका असर सरकार के कामकाज पर पड़ रहा है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। हालांकि, डहरिया के इन आरोपों पर भाजपा या राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।