भिलाई में ललित कला अकादमी रीजनल सेंटर की स्थापना की तैयारी तेज, शासन स्तर पर शुरू हुई पहल

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भिलाई। छत्तीसगढ़ में ललित कला को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य शासन ने ललित कला अकादमी रीजनल सेंटर की स्थापना के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में राजधानी रायपुर में जल्द ही कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। प्रस्तावित रीजनल सेंटर को भिलाई में स्थापित किए जाने के संदर्भ में सिविक सेंटर स्थित कृष्ण-अर्जुन रथ परिसर में एक बौद्धिक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

परिचर्चा में वरिष्ठ चित्रकार हरीसेन, बी.एल. सोनी, बृजेश तिवारी, प्रवीण कालमेघ, साहित्यकार मेनका वर्मा और कमेटी के चेयरमैन डॉ. अंकुश देवांगन सहित कई कला और साहित्य जगत की हस्तियों ने अपने विचार रखे। कलाकारों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

वरिष्ठ चित्रकार हरीसेन ने भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति के विकास में दिए गए योगदान को याद करते हुए वर्तमान में कलात्मक गतिविधियों में आई कमी पर चिंता जताई। वहीं बी.एल. सोनी ने भिलाई को रीजनल सेंटर की स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बताया।

चित्रकार बृजेश तिवारी ने भारतीय समकालीन और वैश्विक कला की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए खैरागढ़ विश्वविद्यालय से जुड़े कलाकारों में इस पहल को लेकर उत्साह की बात कही। साहित्यकार मेनका वर्मा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला-संस्कृति का उल्लेख करते हुए रीजनल सेंटर में लोककला को भी प्रमुख स्थान देने की आवश्यकता बताई।

कमेटी के चेयरमैन डॉ. अंकुश देवांगन ने दशकों से रीजनल सेंटर की मांग को जीवंत रखने वाले वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान किया। राज्य सरकार की इस पहल पर प्रख्यात चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी, मूर्तिकार मोहन बराल, मीना देवांगन, प्रो. कपिल वर्मा, कमलेश सक्सेना सहित देश-विदेश के कलाकारों ने खुशी जताते हुए इसे छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।