फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

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बिलासपुर। फर्जी सर्पदंश के मामलों में गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में पुलिस ने सिम्स में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले इसी मामले में एक वकील सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

तोरवा थाना पुलिस के अनुसार, तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की कथित सर्पदंश से हुई मौत के मामलों की जांच की जा रही थी। जांच में सामने आया कि दोनों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और उन्होंने सर्पदंश से मौत होने की फर्जी रिपोर्ट तैयार की थी।

पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को फरार चल रहीं डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इससे पहले मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो , लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी और अधिवक्ता रंजीत कुमार चतुर्वेदी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी अधिवक्ता श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है।

इसके अलावा, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पवन यादव की मौत के मामले में भी डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ मामला दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने हार्ट अटैक से हुई मौत को फर्जी तरीके से सर्पदंश बताकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की थी। इस मामले में मृतक की पत्नी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।