नई दिल्ली। भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां देश का नागरिक होने के बावजूद सीधे प्रवेश नहीं मिलता। उत्तर-पूर्व के अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नगालैंड और मणिपुर की यात्रा के लिए कई मामलों में इनर लाइन परमिट (ILP) की जरूरत पड़ती है। ILP संबंधित राज्य सरकार की ओर से जारी किया जाने वाला आधिकारिक दस्तावेज है। इसके जरिए बाहरी राज्यों के भारतीय नागरिकों को सीमित अवधि के लिए प्रवेश और ठहरने की अनुमति मिलती है। विदेशी नागरिकों के लिए अलग परमिट व्यवस्था लागू होती है।
इस व्यवस्था का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है। पूर्वी बंगाल सीमांत विनियमन, 1873 के तहत इसकी शुरुआत हुई थी। उस समय व्यापारिक गतिविधियों और प्रशासनिक नियंत्रण के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था। आज इसका प्रमुख उद्देश्य स्थानीय जनजातीय समुदायों, उनकी जमीन और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा करना है।
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ILP के लिए यात्रियों को संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल या निर्धारित केंद्रों से आवेदन करना होता है। आमतौर पर पहचान पत्र, यात्रा से जुड़ी जानकारी और फोटो जैसे दस्तावेज मांगे जाते हैं। हालांकि, चारों राज्यों में नियम और परमिट की शर्तें एक जैसी नहीं हैं। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित राज्य सरकार के आधिकारिक नियम और मौजूदा ILP व्यवस्था जरूर जांच लेना बेहतर है।
