दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने मैत्री डेंटल कॉलेज, अंजोरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों और नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के साथ नशे के दुष्प्रभाव, महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान एपीके फाइल डाउनलोड करने और अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से सावधान रहने की सलाह दी गई।
पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर ‘मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं’ संदेश के साथ सेल्फी बोर्ड भी लगाया गया। कार्यक्रम में नशे से होने वाले नुकसान और इसके परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी देते हुए ‘नशा छोड़ें, जिंदगी जोड़ें’ का संदेश दिया गया। नशे से संबंधित सहायता के लिए 1933 हेल्पलाइन की जानकारी भी साझा की गई।
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कराटे एवं विभिन्न सेल्फ डिफेंस तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ममता देवांगन, एसडीओपी धमधा चित्रा वर्मा, डीएसपी यातायात विशाल सोन, साइबर क्राइम प्रभारी डॉ. संकल्प राय सहित संबंधित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

