कोरबा। दीपका स्थित यूनियन बैंक शाखा में सेंधमारी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को कोरबा पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का संबंध अन्य राज्यों में हुई बैंक सेंधमारी की घटनाओं से तो नहीं है। साथ ही उनके आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, 4 जून की रात करीब 2 बजे दोनों आरोपी काले रंग की कार से प्रगति नगर स्थित यूनियन बैंक पहुंचे थे। चेहरे पर नकाब और हाथों में दस्ताने पहनकर उन्होंने बैंक में सेंध लगाकर प्रवेश किया और लॉकर तक पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि लॉकर नहीं खुलने पर वे बिना किसी सामान के मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही दीपका थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। करीब दो महीने की जांच के बाद मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस टीम हरियाणा के रोहतक पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र बड़क (38) और प्रवीण कुमार (30) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि दोनों कुछ वर्ष पहले दीपका क्षेत्र की एक निजी कंपनी में काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें इलाके और बैंक की अच्छी जानकारी थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में और कौन-कौन शामिल था तथा आरोपियों का नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है।
पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिले के उद्योगों और निजी कंपनियों में दूसरे राज्यों से आकर काम करने वाले कई कर्मचारियों का अब तक पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया है। हाल ही में पैरोल पर बाहर आए एक हत्या के आरोपी को भी पुलिस ने बालको क्षेत्र की एक निजी कंपनी में काम करते हुए गिरफ्तार किया था। ऐसे मामलों के बाद बाहरी कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन की आवश्यकता एक बार फिर चर्चा में है।

