नई दिल्ली। देश में मानसून के रौद्र रूप ने चारों तरफ तबाही मचा रखी है। पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिमी और पहाड़ी राज्यों तक ‘जल प्रलय’ जैसे हालात बने हुए हैं। सबसे भीषण मार असम पर पड़ी है, जहाँ बाढ़ के कारण अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब दो लाख आबादी इससे प्रभावित है। पहाड़ों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने तथा भूस्खलन (Landslide) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
शोपियां में बादल फटने से आए सैलाब के बाद मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक फ्लैश फ्लड और मडस्लाइड का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मैदानी इलाकों में भी स्थिति भयावह है; गुजरात के सूरत में रिकॉर्ड 24 इंच बारिश से कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। वहीं महाराष्ट्र के पुणे में सामान्य से करीब 180% अधिक बारिश दर्ज की गई है और नंदुरबार में रेड अलर्ट घोषित कर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, कर्नाटक और केरल के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत 13 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है।
