कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ट्रंप के जंग को लेकर बयान से बढ़ी हलचल

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की तस्वीर बदल दी है। इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के संघर्ष विराम की घोषणा और ईरान के साथ तनाव कम होने के संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। 17 अप्रैल को अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड 1.23% गिरकर $93.550 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड $98.461 के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। बाजार को उम्मीद है कि, युद्ध रुकने से तेल की सप्लाई चेन में आ रही बाधाएं दूर होंगी।

सबसे चौंकाने वाला दावा ईरान को लेकर सामने आया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ‘फ्री’ तेल आपूर्ति के लिए भी तैयार है, हालांकि तेहरान की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अतीत में भी ट्रंप के ऐसे दावों का ईरान खंडन करता रहा है, जिससे इस ‘डील’ पर सस्पेंस बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि, भले ही ट्रंप के बयानों से बाजार में फिलहाल राहत है, लेकिन हकीकत इतनी आसान नहीं है। IMF के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने आगाह किया है कि, युद्ध और तनाव के कारण तेल एवं गैस उत्पादन के बुनियादी ढांचे को जो नुकसान पहुँचा है, उसे पूरी तरह पटरी पर आने में कम से कम दो साल का समय लग सकता है। फिलहाल वैश्विक तेल बाजार पूरी तरह से ‘ट्रंप फैक्टर’ पर टिका है,उनके शांति के संकेतों से कीमतें गिर रही हैं, तो तनाव की खबरों से पारा चढ़ रहा है।