नई दिल्ली। वैश्विक अस्थिरता और अमेरिका-ईरान युद्ध के संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नए आधार वर्ष (2022-23) पर आधारित देश की रियल जीडीपी विकास दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह पिछले वित्त वर्ष (2024-25) के 7.1 प्रतिशत के आंकड़े से काफी बेहतर है। इस शानदार ग्रोथ का मुख्य श्रेय मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के दमदार प्रदर्शन को जाता है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान देश की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 8.9 प्रतिशत रही। वहीं, सर्विस सेक्टर (तृतीयक) ने 9.3 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग (द्वितीयक) क्षेत्र ने 8.8 प्रतिशत की मजबूत रफ्तार पकड़ी। कृषि और मछली पालन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। अगर बात सिर्फ जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही की करें, तो इस अवधि में देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। होटल, ट्रांसपोर्ट, फाइनेंशियल और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स ने तो मौजूदा कीमतों में दोहरे अंकों (Double Digit) में ग्रोथ हासिल की है, जो यह साबित करता है कि भारतीय बाजार में मांग और निवेश दोनों बेहद मजबूत स्थिति में हैं।
