रायपुर। छत्तीसगढ़ में पैर पसारते ड्रग्स और नशे के काले कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के त्वरित निपटारे और अदालतों में लंबित मामलों के तेजी से निराकरण के लिए प्रदेश में तीन एक्सक्लूसिव स्पेशल NDPS कोर्ट (विशेष अदालतें) गठित करने की अधिसूचना जारी की गई है।
ये अदालतें रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद जिले के सरायपाली में संचालित होंगी, जो केवल एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों की ही सुनवाई करेंगी।हाईकोर्ट की सहमति से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत इन अदालतों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर दिया गया है। जिम्मेदारी की बात करें तो रायपुर में 10 वीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण थवाइट, बिलासपुर में तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण त्रिपाठी और सरायपाली में अतिरिक्त न्यायाधीश पवन कुमार अग्रवाल को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
इन नई अदालतों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने प्रशासनिक अमले को भी मजबूती दी है। इसके तहत कुल $21$ नए सरकारी पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें 3 अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, 3 स्टेनोग्राफर,3 रीडर ग्रेड-1,3 एक्जीक्यूशन क्लर्क, 3 डिपोजिशन राइटर, 3 प्रोसेस राइटर और 3 भृत्य (peon) के पद शामिल हैं। वित्त विभाग ने इन पदों के लिए तत्काल व्यय की स्वीकृति दे दी है, जिसकी अंतिम प्रतिपूर्ति वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में शामिल की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में हाल के वर्षों में बढ़ी ड्रग तस्करी को देखते हुए इन विशेष अदालतों की भारी जरूरत थी। अब अलग कोर्ट होने से अपराधियों को जल्द सजा मिलेगी और नशे के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
