बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से तेंदुए की 2 खाल बरामद की गई है। इस कार्रवाई को वन अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, वन मंत्री के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में वन्यजीव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 2 अप्रैल 2026 को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र भोपाल), राज्य उड़नदस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जमई मोड़ के पास कुछ संदिग्ध लोग वन्यजीव अवशेषों की तस्करी करने वाले हैं। सूचना मिलते ही टीम ने इलाके में घेराबंदी कर एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई।कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने नेटवर्क का खुलासा किया, जिसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया। इनके पास से एक और तेंदुए की खाल जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और वन्यजीवों की तस्करी कर मोटा मुनाफा कमाने में लगा था।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि, वन्यजीव तस्करी में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है और विभाग की सख्ती से अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश तेज हो गई है।
