मनुष्य एवं मनुष्यता-डॉ.माणिक विश्वकर्मा
जीवन में दिखावे की संस्कृति, स्वार्थलोलुपता एवं संवेदनहीनता बढऩे के कारण मनुष्य धीरे-धीरे मनुष्यता खोता जा रहा है। परिणामस्वरूप मानवीय मूल्यों में गिरावट आने लगी है हालांकि दुनियाभर में इसके…
June 15, 2026
