देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल से भी आगे निकल कर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार बारह वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। यह सचमुच यह ऐतिहासिक है. इस अवधि को देश के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और ढांचागत इतिहास में बड़े बदलावों के दौर के रूप में देखा जाता है। हालांकि लोगों को लग रहा था कि बारह साल पूर्ण होने की खुशी में शायद मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की घोषणा करेगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. आम आदमी को सरकार के बारह या चौदह साल होने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता, उसे खुशी तब मिलती है जब महंगाई कम हो. उसकी जिंदगी आसान हो जाए। अभी तो कमर तोड़ महंगाई से व्यक्ति परेशान है। इसमें दो राय नहीं कि पिछले बारह वर्षों में देश की ऐतिहासिक प्रगति हुई है, इसमें दो राय नहीं. राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास हुआ कुछ महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे भी बने, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। रेलवे का आधुनिकीकरण हुआ है,कुछ फास्ट ट्रेनें भी चली हैं.अब तो बुलेट ट्रेन भी चलने वाली है. कुछ महानगरों में मेट्रो भी शुरू हो गई है. अनेक नये एयरपोर्ट भी बन गए हैं. डिजिटल लेन-देन भी देश व्यापी हो चुका है. ठेले या फुटपाथ पर बैठे व्यापारी भी डिजिटल लेन-देन कर रहे हैं यह अपने आप में क्रांतिकारी घटना है. सबका साथ सबका विश्वास जैसा सुंदर नारा लगाकर सरकार बिना किसी भेदभाव के सबका भला कर रही है, इसमें हिंदू मुसलमान सभी शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि पीएम आवास योजना के तहत पिछले बारह वर्षों में चार करोड़ से अधिक पक्के मकान का निर्माण हुआ. लगभग 10 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए. ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ के माध्यम से देश के 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है। हालांकि यह गर्व की बात नहीं है. सरकार की तारीफ तो हो सकती है कि वह 81 करोड लोगों को मुफ्त में राशन दे रही है, लेकिन यह एक तरह से शर्म की बात भी है. कि अभी भी देश में 81 करोड़ गरीब लोग हैं.एक तरफ तो हम कह रहे हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर पहुंच रही है लेकिन दूसरी और हम ऐसा देश नहीं बन पा रहे हैं कि लोग राशन पानी खरीद सकें। भारत को उस दिशा में आगे बढ़ाना है,जब अन्न योजना चलाने की नौबत ही न आए. सरकार को अब यही संकल्प लेना चाहिए कि जब उनका तीसरा कार्यकाल खत्म हो, तब तक इस देश में 81 करोड़ गरीब अपनी गरीबी रेखा से ऊपर हो जाए। तभी सही मायने मेरा देश है महान कहलाएगा. सरकार की पहली प्राथमिकता यही होनी चाहिए कैसे इस देश की गरीबी खत्म हो। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर उसे मुख्यधारा के विकास और संवैधानिक अधिकारों से पूरी तरह जोड़ा गया। मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और संवैधानिक समानता देने के लिए कानूनन तात्कालिक तीन तलाक को प्रतिबंधित किया गया। विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33’ आरक्षण का ऐतिहासिक कानून पारित हुआ। हमारी सैन्य शक्ति भी काफी मजबूत हुई है। पाँच सौ सालों से जिसेराम मंदिर के लिए यह देश तड़प रहा था, वह भव्य राम मंदिर भी हमारा हो गया। कुछ और मंदिरों को भी कब्जा मुक्त कराने की कानूनी लड़ाई जारी है। भाजपा सरकार का लोकलुभावन नारा यह है कि 2047 तक भारत को पूरी तरह से ‘विकसित भारतÓ बनाया जाएगा, उस समय तक अनेक बूढ़े लोग इस धरती पर नहीं रहेंगे, लेकिन उम्मीद की जा सकती है कि 2047 तक भारत विकसित हो जाएगा और करोड़ों लोग गरीबी रेखा से ऊपर भी आ जाएंगे, तब भारत न केवल विकसित भारत होगा वरन एक ‘धनी भारतÓ भी कहलाएगा।
बारह साल : कुछ सवाल-गिरीश पंकज
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