आयुष शिविर बना ग्रामीणों के लिए राहत का माध्यम: जोड़ों के दर्द और वृद्धजन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

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o राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम के तहत रघुनाथपुर में ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं वयोमित्र योजना का आयोजन

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सूरजपुर जिला के ग्राम रघुनाथपुर में ऑस्टियोआर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर तथा वयोमित्र योजना के तहत निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में आयुष चिकित्सक डॉ. कीर्ति एवं झूलसिंह कंवर (एमपीडब्ल्यू) ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। विशेष रूप से हड्डी एवं जोड़ों के दर्द, गठिया, मांसपेशियों से संबंधित विकारों तथा वृद्धजनों की सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीडि़त लोगों का परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के साथ मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से योग, संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि बढ़ती उम्र में नियमित व्यायाम, उचित खानपान और समय पर स्वास्थ्य जांच से जोड़ों एवं मांसपेशियों संबंधी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

शिविर में कुल 19 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। उपस्थित लोगों ने ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं के आयोजन को उपयोगी बताते हुए नियमित आयुष शिविरों की आवश्यकता पर भी बल दिया। राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सुलभ, किफायती और पारंपरिक चिकित्सा आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयासरत है, जिससे विशेषकर वृद्धजनों और अस्थि-जोड़ संबंधी समस्याओं से पीडि़त लोगों को स्थानीय स्तर पर राहत मिल सके।