नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म,आरोपी गिरफ्तार

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कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विश्रामपुरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर नाबालिग का शारीरिक शोषण करने और धमकी देने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 18 जून 2026 को विश्रामपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मार्च 2025 में उसकी पहचान आरोपी से मोबाइल फोन के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और संबंध स्थापित हो गए। इसके बाद 17 अप्रैल 2025 को विश्रामपुरी मेले के दौरान दोनों की मुलाकात हुई।

पीड़िता के अनुसार, मेले में मुलाकात के दौरान आरोपी पिन्टु उर्फ भूपेन्द्र शोरी (21 वर्ष), निवासी ग्राम गरांजीडिही, उसे बहला-फुसलाकर अपने गांव के स्कूल परिसर में ले गया। वहां उसने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने धमकी देकर पीड़िता को चुप रहने के लिए मजबूर किया और बाद में अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान वह उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी करता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्रामपुरी थाना पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 45/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की। विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए, जिसके आधार पर 19 जून 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए जांच पूरी गंभीरता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पीड़िता के बयान, मोबाइल चैट और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक शंकरलाल ध्रुव ने किया। उनके साथ पीएसआई सुनयना मिंज, सहायक उपनिरीक्षक अनिता मेश्राम, अभिराम मेश्राम सहित थाना स्टाफ ने

महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। स्थानीय स्तर पर इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर समाज और प्रशासन दोनों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस घटना से जुड़े अन्य पहलू या कोई अन्य पीड़ित तो नहीं है।