राजनांदगांव। जिले के लालबाग थाना पुलिस ने मारपीट और हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे तीसरे आरोपी जय उर्फ जया नेताम (23) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी निगरानी बदमाश और हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला 17 मई की रात का है, जब प्रार्थी युवराज साहू (38), निवासी अटल आवास पेण्ड्री, अपने घर के पास मोबाइल पर बात कर रहे थे। उसी दौरान मोहल्ले के तीन भाई विजय नेताम, दीपक उर्फ टिकली नेताम और जय उर्फ जया नेताम वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने बिना किसी कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए युवराज साहू के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की।
मारपीट के दौरान जब युवराज साहू के पिता गिरधारी साहू बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसी दौरान आरोपी विजय नेताम ने अपने पास रखे फरसा (टंगिया) से गिरधारी साहू के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेण्ड्री में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। घटना के बाद प्रार्थी की शिकायत पर थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 207/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(2), 109(1) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 मई को ही दो आरोपियों दीपक उर्फ टिकली नेताम और विजय नेताम को गिरफ्तार कर लिया था।
उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त फरसा भी बरामद किया गया था। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। इस मामले का तीसरा आरोपी जय उर्फ जया नेताम घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। आरोपी के हिस्ट्रीशीटर होने के कारण पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी और संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही थी। 20 जून को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर लालबाग पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों का किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंध तो नहीं है। स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था।
