हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बेहद पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन जब यह व्रत अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में आए, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस साल 27 मई को पड़ रही पद्मिनी एकादशी भक्तों के लिए खास अवसर लेकर आई है। मान्यता है कि, इस दिन किए गए व्रत, दान और पूजा का फल सामान्य दिनों से कई गुना अधिक मिलता है। ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 3 साल में एक बार बनता है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 मई सुबह 5:11 बजे से शुरू होकर 27 मई सुबह 6:22 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 27 मई को रखा जाएगा।

इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-शांति, धन और समृद्धि का आगमन होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इसलिए इस महीने में किए गए जप, तप, दान और व्रत का पुण्य फल 10 गुना तक बढ़ जाता है।पद्मिनी एकादशी पर तांबा दान करने से करियर की बाधाएं दूर होती हैं, गुड़ का दान सूर्य को मजबूत करता है और शंख दान से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। वहीं जरूरतमंदों को वस्त्र दान करना महादान माना गया है। यह एकादशी सिर्फ व्रत नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव और सौभाग्य पाने का सुनहरा अवसर मानी जा रही है।
