धान खरीदी के नए नियमों पर कांग्रेस का हमला, दीपक बैज बोले- किसानों को परेशान कर रही भाजपा सरकार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर किसानों को परेशान करने और धान खरीदी के नियमों को जटिल बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता, टोकन की सीमित संख्या और खरीदी की अवधि घटाने जैसे फैसलों से प्रदेश के किसानों के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।

दीपक बैज ने कहा कि सरकार डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को सर्वर डाउन, नेटवर्क की समस्या और बायोमेट्रिक मशीनों की खराबी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर किसानों को धान बेचने के लिए बार-बार भटकना पड़ेगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने रकबे के आधार पर टोकन सीमित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को केवल एक टोकन देने से छोटे और सीमांत किसानों पर एक साथ धान की कटाई, परिवहन और बिक्री का दबाव बढ़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि यदि तकनीकी खराबी के कारण किसी किसान का टोकन निरस्त हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

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बैज ने धान खरीदी की अवधि में कटौती को भी किसान विरोधी बताते हुए कहा कि मौसम की मार और खेतों में नमी के बीच खरीदी का समय कम करना किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे किसानों को मजबूरी में बिचौलियों के हाथों कम कीमत पर धान बेचने की नौबत आ सकती है। उन्होंने भाजपा सरकार से धान खरीदी के नियमों में राहत देने, बायोमेट्रिक और टोकन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को दूर करने तथा छोटे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को सरल बनाने की मांग की है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार की मौजूदा व्यवस्था किसानों को राहत देने के बजाय उनकी परेशानियां बढ़ा रही है। पार्टी ने सरकार से अन्नदाताओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने की मांग की है।