जशपुरनगर। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जशपुर जिले में 11 से 18 नवंबर तक जनजातीय गौरव सप्ताह मनाया जाएगा। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित इस सप्ताह में विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सम्मान समारोहों के माध्यम से जनजातीय समाज की कला, संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
आदिम जाति कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रमों की शुरुआत 10 नवंबर को पत्रकारवार्ता से होगी। इसके बाद 11 नवंबर को पंडित रामचन्द्र पौराणिक सामुदायिक भवन, बालाजी मंदिर के सामने जशपुर में जिला स्तरीय उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोकनृत्य महोत्सव, करमा महोत्सव एवं शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव के तहत नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
13 नवंबर को जिले के सभी ग्रामों, ग्राम पंचायतों, विकासखंडों और नगरीय निकायों में जनजातीय एवं अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मारक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्थानीय प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन भी किया जाएगा।
15 नवंबर को पंडित रामचन्द्र पौराणिक सामुदायिक भवन में मुख्य समारोह आयोजित होगा। इसमें जनजातीय क्रांतियों के नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों तथा प्रमुख जनजाति एवं उपजनजाति प्रमुखों का सम्मान किया जाएगा। इस अवसर पर जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन, कला एवं संस्कृति प्रदर्शनी, फोटोग्राफी और चित्रकला प्रतियोगिता के साथ पुरस्कार वितरण समारोह भी होगा। भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।
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16 नवंबर को जिला पुरातत्व संग्रहालय जशपुर में जनजातीय विकास प्रदर्शनी के साथ क्राफ्ट, कला, शिल्प, पारंपरिक व्यंजन और पुस्तक मेले का आयोजन होगा। इसमें छत्तीसगढ़ के पारंपरिक जनजातीय वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।वहीं, 18 नवंबर को जिला पंचायत सभाकक्ष में जनजातीय कला, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रशिक्षण, कार्यशाला, संगोष्ठी एवं सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही जनजातीय गौरव सप्ताह का समापन होगा।
पूरे सप्ताह जिले में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
