नई दिल्ली। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम आईपीएल 2026 का सीजन शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों की चोट से चिंतित है। तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम आईपीएल 2026 में अपना दम दिखाने उतरेगी। टीम के लिए पिछला सीजन अच्छा नहीं रहा था और इसके बाद उसने अपने कोचिंग स्टाफ के साथ ही टीम में कई बदलाव किए। केकेआर एक बार फिर अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में उतरेगी, लेकिन टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता उसके खिलाड़ियों की चोट है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आकाश दीप चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं, जबकि श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को अब तक टूर्नामेंट में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिला है। टीम के पास सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती हैं जो स्पिन गेंदबाजी के मुख्य आधार हैं। अजिंक्य रहाणे अनुभव प्रदान करते हैं, कैमरन ग्रीन उन्हें आधुनिक बल्लेबाजी संतुलन वाली प्लेइंग इलेवन बनाने का मौका देते हैं। केकेआर के पास प्रतिद्वंद्वी और मैदान के अनुसार टीम में बदलाव करने के लिए पर्याप्त विदेशी खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं टीम के पास फिन एलेन और टिम सीफर्ट जैसे बल्लेबाज हैं, जबकि मध्य क्रम में अंगकृष रघुवंशी, राहुल त्रिपाठी, अनुकूल रॉय और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी हैं।
केकेआर इस सीजन में भारतीय तेज गेंदबाजों के कमजोर विकल्पों के साथ उतर रही है। आकाश दीप और हर्षित राणा बाहर हैं और मथीशा पथिराना के अप्रैल के मध्य से ही खेलने की उम्मीद है। भारतीय गेंदबाजों में केकेआर के पास वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, कार्तिक त्यागी, वरुण, रमनदीप सिंह और प्रशांत सोलंकी हैं। विदेशी गेंदबाजों में सुनील नरेन, कैमरन ग्रीन और ब्लेसिंग मुजरबानी हैं, लेकिन सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ी ही टीम उतार सकती है। ऐसे में केकेआर के लिए गेंदबाजी विभाग में संतुलन बैठाना चुनौती होगी। वहीं इस टीम की सबसे बड़ी ताकत वही है जिसने केकेआर के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट को परिभाषित किया है। वे मध्य ओवरों में अधिकांश टीमों से बेहतर गेंदबाजी कर सकते हैं। वरुण चक्रवर्ती इस प्रारूप में विकेट लेने वाले सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में से एक हैं। आईपीएल 2024 में उन्होंने 21 विकेट लिए थे और 2026 टी20 विश्व कप में उन्होंने 14 विकेट लिए थे, जो टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सबसे अधिक थे। वहीं, सुनील नरेन अपना अनूठा दोहरा योगदान देते रहते हैं। यह संयोजन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें बेहतर प्लेइंग इलेवन बनाने में मदद मिलती है। वहीं, एलेन, सीफर्ट और ग्रीन टीम के लिए तेजी से रन बना सकते हैं। टीम की बल्लेबाजी लाइन अप को देखें तो केकेआर मजबूत नजर आ रही है। वहीं, रिंकू सिंह तो टीम के स्टार खिलाड़ी हैं जो आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।
इस टीम की सबसे बड़ी समस्या तेज गेंदबाज आक्रमण में कम विकल्प है। आकाश दीप टीम से बाहर हैं। हर्षित राणा पूरे सीजन के लिए टीम से बाहर हैं। इसका मतलब है कि केकेआर को सीजन की शुरुआत दो भरोसेमंद भारतीय तेज गेंदबाजों के बिना करनी होगी। एक बेहतरीन टी20 टीम को यह अच्छी तरह पता होता है कि किन भूमिकाओं में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। केकेआर अभी उस स्तर पर पूरी तरह नहीं पहुंची है। कप्तान रहाणे की भूमिका स्पष्ट है। नरेन की भूमिका भी स्पष्ट है। रिंकू तो जाहिर तौर पर टीम के केंद्र में हैं, लेकिन इसके बाद कई सवाल उठते हैं। रचिन रवींद्र और ग्रीन में से टीम किसी एक खिलाड़ी को ही प्लेइंग-11 में जगह दे सकती है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि किसे मौका मिलता है। एक सवाल ये भी है कि क्या 2025 सीजन में 96.49 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 55 रन बनाने वाले राहुल त्रिपाठी पर भरोसा किया जा सकता है? इस बल्लेबाजी यूनिट में सुधार के रास्ते तो हैं, लेकिन साथ ही चयन को लेकर भी काफी उलझन है। सैद्धांतिक रूप से तो कई खिलाड़ी टीम में फिट बैठते हैं, लेकिन प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पक्की नहीं लगती। केकेआर के पास अब आंद्रे रसेल जैसा ऑलराउंडर नहीं है।
ऐसे में ग्रीन पर सभी की नजरें होंगी जो बल्लेबाजी को मजबूत देने के साथ ही गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। इसके अलावा अंगकृष रघुवंशी और रिंकू सिंह पर टीम के बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करने की जिम्मेदारी होगी। घरेलू मैदान पर केकेआर को हराना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता और ईडेन गार्डेंस पर टीम ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना चाहेगी। अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, कैमरन ग्रीन, फिन एलेन, तेजस्वी दहिया (विकेटकीपर), राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), रोवमैन पोवेल, अनुकूल रॉय, सार्थक रंजन, दक्ष कमरा, रचिन रवींद्र, रमनदीप सिंह, ब्लेसिंग मुजरबानी, वैभव अरोड़ा, मथीशा पथिराना, कार्तिक त्यागी, प्रशांत सोलंकी, उमरान मलिक, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, सौरभ दुबे।
