लापरवाही उजागर: कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत, शव जलाकर छिपाने की कोशिश

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अंबिकापुर । अंबिकापुर के संजय वन वाटिका में सामने आई घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत हो जाने की खबर ने पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल बना दिया है। जानकारी के मुताबिक, घटना दो दिन पहले की है जब 4 से 5 आवारा कुत्ते किसी तरह सुरक्षा घेराबंदी को पार कर हिरणों के बाड़े में घुस गए। बाड़े में मौजूद हिरण अचानक हुए इस हमले से बच नहीं पाए और कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल 15 हिरणों की दर्दनाक मौत हो गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि घटना के बाद वाटिका प्रबंधन ने इसे सार्वजनिक करने के बजाय दबाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि 15 में से 14 हिरणों के शवों को वाटिका के पीछे स्थित जंगल क्षेत्र में चुपचाप जला दिया गया, ताकि मामला सामने न आ सके।

जब इस घटना की जानकारी वन विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तब डीएफओ अभिषेक जोगावत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बाड़े में एक मृत हिरण मिला, जबकि पीछे के जंगल में जले हुए अवशेष और शव जलाने के स्पष्ट प्रमाण भी पाए गए।

डीएफओ ने प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर लापरवाही का मामला माना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस घटना के लिए न सिर्फ वाटिका प्रबंधन बल्कि वन विभाग के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी भी जवाबदेह हो सकते हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ के नेतृत्व में एक जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम को दो दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई, कुत्ते बाड़े में कैसे घुसे, और घटना को छिपाने की कोशिश किसके निर्देश पर की गई।

स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के उचित इंतजाम किए गए होते, तो इतनी बड़ी संख्या में हिरणों की जान बचाई जा सकती थी।

अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि इस लापरवाही के लिए किन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।