रायपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने राष्ट्रप्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण की एक नई तस्वीर पेश की है। बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए तिरंगे तैयार कर रही हैं। इस पहल से जहां स्वतंत्रता दिवस के लिए तिरंगे उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम और अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी मिल रहा है। प्रशासन के सहयोग से तैयार किए गए इन तिरंगों को सी-मार्ट के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
जिले में 7 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में 6 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं तिरंगा निर्माण से जुड़ी हैं। महिलाओं ने अब तक करीब 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2500 तिरंगे बिक्री के लिए सी-मार्ट में भेजे गए, जिनमें से 2490 की बिक्री हो चुकी है। तिरंगों की कीमत उनके आकार के अनुसार 30, 50 और 100 रुपये रखी गई है। इस काम से समूहों को अब तक लगभग 1.50 लाख रुपये की आय हुई है, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
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तिरंगा तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में महिलाएं खुद शामिल हैं। कपड़े की कटिंग और सिलाई से लेकर तीनों रंगों को सही तरीके से जोड़ने तथा अशोक चक्र लगाने तक का काम समूह की सदस्य कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि देश के राष्ट्रीय ध्वज को अपने हाथों से तैयार करना उनके लिए गर्व की बात है। प्रशासन की ओर से सी-मार्ट और जनपद पंचायत मुख्यालयों के जरिए इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय महिलाओं के हुनर को पहचान मिलने के साथ उनकी आय बढ़ाने का रास्ता भी मजबूत हो रहा है।
