नई दिल्ली। एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी के बयान को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। राहुल गांधी ने बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि, छात्रों के साथ सख्ती की गई। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और सवाल उठाए कि इस मामले में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि, अगर कोई गंभीर आरोप लगाया जा रहा है तो उसके समर्थन में तथ्य और प्रमाण भी पेश किए जाने चाहिए। रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने बयान को लेकर सफाई और माफी की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदस्यों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की और कहा कि, आरोप लगाते समय नियमों और तथ्यों का ध्यान रखना जरूरी है। बहस के दौरान विपक्षी सांसदों ने जवाब मांगते हुए नारे लगाए, जबकि सत्ता पक्ष ने बिना प्रमाण आरोप लगाने पर सवाल उठाए। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा संसद में राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहा।
