कोर्ट के आदेश पर पंकज बेग कस्टोडियल डेथ मामले में फिर शुरू हुई जांच

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अंबिकापुर। सरगुजा के बहुचर्चित पंकज बेग कस्टोडियल डेथ मामले में एक बार फिर जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। अंबिकापुर कोर्ट के आदेश के बाद सरगुजा पुलिस ने मामले की दोबारा विवेचना के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। आईजी सरगुजा के निर्देश पर गठित इस पांच सदस्यीय टीम की कमान एसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल को सौंपी गई है। नई जांच टीम मामले के सभी पहलुओं की दोबारा पड़ताल करेगी और हर 15 दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट आईजी कार्यालय को सौंपेगी। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। जानकारी के अनुसार, जांच दल का गठन 10 जुलाई को किया गया है। एसपी राजेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली इस टीम में एडिशनल एसपी जशपुर राकेश पाटनवार, एसडीओपी कुनकुरी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, कोतवाली थाना अंबिकापुर के टीआई शशिकांत सिन्हा और मणिपुर थाना प्रभारी चंद्र प्रताप तिवारी को सदस्य बनाया गया है।

क्या है पूरा मामला
पंकज बेग कस्टोडियल डेथ मामला 21 जुलाई 2019 का है। उस समय चोरी के एक मामले में संदेही पंकज बेग और इमरान खान को साइबर सेल में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान इमरान खान ने 13 लाख रुपये की चोरी की बात स्वीकार की थी और बताया था कि चोरी की रकम में से 8 लाख रुपये पंकज बेग के पास रखे गए हैं। पुलिस के अनुसार, पंकज बेग से चोरी की रकम के संबंध में मेमोरेंडम बयान लिया जाना था। इसी दौरान उसने उल्टी आने और पेशाब जाने की बात कही। पुलिस का दावा था कि आरक्षक उसे बाहर लेकर गए, जहां उसने उल्टी करने का बहाना बनाया और मौका पाकर दीवार फांदकर भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पंकज बेग ने परमार अस्पताल परिसर में पहुंचकर कूलर के पानी की पाइप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और पुलिस हिरासत में मौत को लेकर कई सवाल उठाए गए थे।

पहले भी हुई थी SIT जांच
घटना के बाद पूछताछ में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के लिए पहले भी विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच पूरी होने के बाद कस्टोडियल डेथ से जुड़े प्रकरण में पुलिस ने खात्मा रिपोर्ट अदालत में पेश की थी। बाद में संबंधित न्यायालय ने खात्मा रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद मामले में नया मोड़ तब आया जब पंकज बेग की पत्नी रानू बेग ने इस फैसले के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।

कोर्ट के आदेश के बाद बदला घटनाक्रम
पंकज बेग की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 30 जून 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। अदालत ने खात्मा रिपोर्ट और सीजेएम कोर्ट द्वारा उसे स्वीकार किए जाने के आदेश को विधि विरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया। अदालत ने मामले में निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए आईजी सरगुजा को निर्देश दिए कि एसपी की निगरानी में विशेष टीम गठित कर दोबारा विवेचना कराई जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच में आदेश में बताए गए बिंदुओं को शामिल किया जाए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच कराने में असमर्थ रहती है तो मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। फिलहाल नई SIT ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीम पुराने दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट, संबंधित अधिकारियों के बयान और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की समीक्षा करेगी। अब सभी की नजर SIT की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।