गंभीर रूप से झुलसा वैभव जायसवाल, बिलासपुर रेफर; स्कूल प्रबंधन को नोटिस, जवाब नहीं मिला तो मान्यता रद्द करने तक की चेतावनी

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मुंगेली । जिले के बरेला नगर पंचायत स्थित माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल में मटका फोड़ कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सातवीं कक्षा का छात्र वैभव जायसवाल हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे में छात्र के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उपचार जारी है।

घटना 3 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। स्कूल परिसर में मटका फोड़ कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान छात्र परिसर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्र को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल परिसर में हाईटेंशन तार जैसी संवेदनशील जगह होने के बावजूद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। परिजनों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक के चलते यह गंभीर हादसा हुआ।


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शिक्षा विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी विमित्रा धृतलहरे स्कूल पहुंचीं और घटना की जानकारी लेने के साथ मौके की स्थिति का जायजा लिया।

जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे ने बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुंगेली की ओर से स्कूल के संस्था प्रमुख/प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में विद्यालय परिसर में असुरक्षित आयोजन और हाईटेंशन तार के आसपास विद्यार्थियों की मौजूदगी को सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी बताया गया है।

चार बिंदुओं पर मांगा गया जवाब
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन से मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है— सुरक्षा मानकों में चूक किस स्तर पर हुई? इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? घायल छात्र के उपचार के लिए स्कूल प्रबंधन क्या सहायता उपलब्ध करा रहा है? भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था के क्या कदम उठाए जा रहे हैं? स्कूल प्रबंधन को नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।


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संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मान्यता रद्द करने की अनुशंसा
शिक्षा विभाग ने नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। इसमें विद्यालय की मान्यता रद्द करने के साथ प्रबंधन के विरुद्ध वैधानिक दंडात्मक अथवा पुलिस कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई है। हालांकि, बीईओ विमित्रा धृतलहरे ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कारण बताओ नोटिस का जवाब प्राप्त हो गया है। जवाब से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और उनके निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर पहुंचकर अधिकारियों ने जाना छात्र का हाल
घायल छात्र की स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे और बीईओ विमित्रा धृतलहरे बिलासपुर के निजी अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने छात्र के परिजनों से मुलाकात कर उपचार की जानकारी ली और छात्र का हाल जाना। शिक्षा विभाग की ओर से छात्र को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल छात्र का बिलासपुर में उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
दूसरी ओर, पूरे मामले में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था, हाईटेंशन तार के आसपास विद्यार्थियों की मौजूदगी और कार्यक्रम के दौरान अपनाए गए सुरक्षा उपायों की जांच जारी है। शिक्षा विभाग की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसके आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।