नई दिल्ली। बारिश का मौसम आते ही गर्मागर्म भुट्टे की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचने लगती है। सड़क किनारे अंगारों पर सिकता हुआ भुट्टा न सिर्फ स्वाद में शानदार होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी कई फायदे दे सकता है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इसे खाते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
भुट्टा फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद कर सकता है। मानसून में तली-भुनी चीजों की जगह भुट्टा एक बेहतर और पौष्टिक विकल्प बन सकता है।
हालांकि, जिन लोगों को गैस, एसिडिटी या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। वहीं, डायबिटीज के मरीजों को भुट्टा खाते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इसमें प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं। भुट्टे को हल्का भूनकर या उबालकर खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है। इसमें ज्यादा मक्खन, नमक और मसाले डालने से बचना चाहिए। बारिश के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले भुट्टे की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है। स्वस्थ व्यक्ति के लिए सीमित मात्रा में भुट्टा मानसून का स्वादिष्ट और पौष्टिक आनंद बन सकता है।
