रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित कोयला लेवी घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने फरार चल रहे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है। कोयला घोटाले में दर्ज एफआईआर में रामगोपाल अग्रवाल और उनके बेटे वैभव अग्रवाल का नाम पहले से शामिल है। बताया जा रहा है कि रामगोपाल अग्रवाल अभी भी फरार हैं, जबकि वैभव अग्रवाल से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं और कथित लेन-देन को लेकर पूछताछ की जा रही है।
कोयला लेवी घोटाले को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि EOW समेत सभी जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पुराना मामला है और जिन लोगों के पास इससे संबंधित जानकारी है, उन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध करानी चाहिए। अब वैभव अग्रवाल से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाले में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की कथित अवैध वसूली की गई। आरोप है कि ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया में बदलाव कर कोयला ट्रांसपोर्टरों से अवैध लेवी वसूली गई।
जांच में इस कथित सिंडिकेट से जुड़े कई नाम सामने आए हैं। एजेंसियों के अनुसार, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया को मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप है। एजेंसियों की जांच में लेवी वसूली के लिए कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक कई आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए संपत्तियां अटैच की हैं और विशेष अदालत में आरोप पत्र भी पेश किए गए हैं।
