नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लागू होने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई नीति का ऐलान करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दिल्ली को देश की EV कैपिटल बनाना और प्रदूषण को कम करना है। नई EV पॉलिसी के तहत 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से नए टू-व्हीलर के रूप में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नीति के जरिए अगले चार वर्षों में करीब 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आकर्षक सब्सिडी और प्रोत्साहन देने की भी योजना बनाई गई है। नई नीति के तहत BS-IV फोर-व्हीलर मालिकों को वाहन स्क्रैप कराने पर 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा, ताकि पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल सके।
सरकार सार्वजनिक स्थानों पर बड़े स्तर पर EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी। इसके अलावा बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के सहयोग से घरों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने के लिए अलग बिजली मीटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। नई पॉलिसी में यह भी प्रावधान किया गया है कि इस योजना के तहत खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों को तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर बेचा नहीं जा सकेगा।
