बीजिंग। चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुहिम के तहत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। सरकार ने एक साथ छह सैन्य सांसदों और दो वरिष्ठ नेताओं को उनके पदों से हटा दिया है। इस कार्रवाई की जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने दी है। हटाए गए नेताओं में पूर्व वित्तीय नियामक प्रमुख ली युंझे और पोलित ब्यूरो के सदस्य मा शिंगरुई भी शामिल हैं, जो हाल ही में जांच के दायरे में आए थे।
चीन की शीर्ष विधायी संस्था नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) ने छह सैन्य सांसदों और दो वरिष्ठ नेताओं की सदस्यता समाप्त कर दी है। एनपीसी देश की सर्वोच्च कानून बनाने वाली संस्था है, इसलिए इसमें हुए ये बदलाव काफी अहम माने जा रहे हैं। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी की ओर से जारी नोटिस में पद से हटाने की पुष्टि की गई है, हालांकि किसी भी अधिकारी को हटाने के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की गई। वहीं चीन के रक्षा मंत्रालय ने भी इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। इस अभियान के तहत पिछले कुछ वर्षों में कई वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य जनरलों के खिलाफ जांच, कार्रवाई और पद से हटाने की प्रक्रिया की जा चुकी है। हटाए गए सैन्य अधिकारियों में जनरल शू श्युछियांग का नाम प्रमुख है। वह सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के इक्विपमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रमुख थे और वर्ष 2022 से चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के कमांडर-इन-चीफ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
इसके अलावा जनरल ली फेंगबियाओ, जो पीएलए की वेस्टर्न थिएटर कमांड में पॉलिटिकल कमिश्नर थे, जनरल गुओ पुक्षियाओ, जो पीएलए एयरफोर्स में पॉलिटिकल कमिश्नर थे, ईस्टर्न थिएटर कमांड के वांग कांगपिंग, साइबरस्पेस फोर्स के झांग मिंगहुआ और आर्मी के यिन होंगशिंग को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
