पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में 4 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी 65 वर्षीय भीमराव प्रभाकर कांबले को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज एस.आर. सालुंके ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए इसे दुर्लभतम मामलों में से एक बताया और कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए उम्रकैद पर्याप्त सजा नहीं हो सकती।
यह मामला महज 59 दिनों में अपने अंतिम फैसले तक पहुंचा। इससे पहले 26 जून को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिजन भी अदालत में मौजूद रहे। मामले में आरोपी भीमराव कांबले पर अपहरण, दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और हत्या समेत कुल सात गंभीर आरोप लगाए गए थे। अदालत ने सभी आरोपों को प्रमाणित माना। आरोपी ने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि आरोपी ने बच्ची के मुंह में मोजा ठूंस दिया था, जिससे मामले की क्रूरता और भी स्पष्ट हुई। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही कहा था कि सरकार इस जघन्य अपराध में आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मृत्युदंड दिलाने का प्रयास करेगी। अदालत के फैसले के बाद यह मामला त्वरित न्याय के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
