14 जून को लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी करेंगे सीएम मोहन यादव

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भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत एक बार फिर करोड़ों लाभार्थी महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव 14 जून को योजना की 37वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर राज्य की लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार की ओर से यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी ताकि लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के सहायता मिल सके।

लाड़ली बहना योजना राज्य सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनके जीवन स्तर में सुधार करना और घरेलू खर्चों में सहयोग देना है। समय-समय पर सरकार इस योजना की किस्त जारी करती है और लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचाई जाती है।

इस बार 37वीं किस्त के रूप में भी महिलाओं को तय राशि का लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखी जाती है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में औपचारिक रूप से राशि जारी करेंगे।

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं। सामान्य तौर पर इसके लिए महिला मध्यप्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसकी आयु निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति भी सरकार द्वारा तय मापदंडों के अनुसार होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए महिला के पास बैंक खाता होना आवश्यक है, जो आधार से लिंक होना चाहिए ताकि DBT के माध्यम से राशि सीधे पहुंच सके।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं योजना से जुड़ सकें। इसके लिए आवेदक को नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत कार्यालय या निर्धारित सरकारी शिविरों में जाकर आवेदन करना होता है। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।

आवेदन सत्यापन के बाद पात्र महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची में शामिल किए जाते हैं। सरकार समय-समय पर इस योजना में नए लाभार्थियों को जोड़ती रहती है और पात्रता की जांच भी की जाती है। योजना के तहत मिलने वाली राशि महिलाओं को छोटे खर्चों में मदद करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी सहायक मानी जाती है।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। कुल मिलाकर, 14 जून को होने वाला यह भुगतान एक बार फिर बड़ी संख्या में महिलाओं के लिए राहत लेकर आएगा। राज्य सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी इस तरह की सहायता जारी रहेगी।