बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार उनकी कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। आरोप हैं कि, कई प्रशासनिक मामलों में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है।
सूत्रों का दावा है कि, कुछ मामलों में डीईओ कार्यालय के आधिकारिक लेटरहेड के बजाय कलेक्टर कार्यालय के नाम से आदेश जारी किए गए हैं। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारों और प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विभाग के भीतर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि, कार्यालय के नियमित कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण कार्यों से दूर रखा जा रहा है और बाहरी व्यक्तियों की मदद ली जा रही है। वहीं, स्कूलों से मंगाए गए कुछ आवश्यक दस्तावेजों को कार्यालय के बजाय निजी स्तर पर रखने की बात भी सामने आई है, जिससे संबंधित शाखाओं को जानकारी नहीं मिल पाती और कार्य प्रभावित होते हैं।
सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामलों में भी लापरवाही के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि, बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं और कई मामलों की जानकारी आवक-जावक शाखा तक नहीं पहुंच रही है। इस संबंध में जब नवपदस्थ कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि, मामला उनके संज्ञान में आया है। यदि इस प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो विधिवत जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
