रोहित शर्मा ने दोस्त के बल्ले से लॉर्ड्स में जड़ा शतक रचा इतिहास जाने बल्ला किसका था

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में शानदार शतक लगाकर एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर का 34वां शतक पूरा किया। हालांकि, इस यादगार पारी की सबसे खास बात यह रही कि हिटमैन ने यह शतक अपने बल्ले से नहीं बल्कि अपने खास दोस्त और भारतीय टीम के साथी खिलाड़ी शार्दुल ठाकुर के बल्ले से लगाया।

क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह बात काफी दिलचस्प रही कि रोहित शर्मा जिस बल्ले से इंग्लैंड के खिलाफ रन बरसा रहे थे, उस पर शार्दुल ठाकुर का नाम लिखा हुआ था। मैच के दौरान कैमरे में यह बात कैद हो गई, जिसके बाद फैंस के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। कमेंट्री बॉक्स में मौजूद शार्दुल ठाकुर ने भी इस बात की पुष्टि की कि रोहित जिस बल्ले का इस्तेमाल कर रहे थे, वह उनका ही था। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 138 रन बनाए। उनकी इस पारी में 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। रोहित ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने भारतीय पारी को मजबूती दी और टीम को जीत की उम्मीदों में बनाए रखा।

भारत के सामने जीत के लिए 388 रनों का बड़ा लक्ष्य था। रोहित शर्मा ने कप्तानी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक लगाया, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण भारतीय टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। आखिरकार टीम इंडिया यह मुकाबला 27 रन से हार गई और तीन मैचों की वनडे सीरीज इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम कर ली। रोहित शर्मा का यह शतक केवल एक शानदार पारी नहीं थी, बल्कि उनके आलोचकों के लिए भी जवाब था। लॉर्ड्स वनडे से पहले ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि यह मुकाबला रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो सकता है। उनके भविष्य और संन्यास को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन रोहित ने बल्ले से जवाब देते हुए साबित कर दिया कि वह अभी भी बड़े मुकाबलों में टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं।

इस शतक के साथ रोहित शर्मा ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी है। उन्होंने दिखाया कि अनुभव और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता अभी भी बरकरार है। हिटमैन की इस पारी ने भारतीय क्रिकेट फैंस को भी उम्मीद दी है कि वह आने वाले समय में टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं।भौगोलिक संदर्भ मैच के बाद रोहित शर्मा ने अपने संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह बाहर की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और उनका पूरा ध्यान टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर रहता है। रोहित ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी बल्ले के साथ टीम की मदद करना है और वह वही काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तब भी उनका लक्ष्य देश और टीम का प्रतिनिधित्व करना था और आज भी वह उसी सोच के साथ खेल रहे हैं। रोहित ने साफ कर दिया कि उनका ध्यान अभी क्रिकेट खेलने और टीम के लिए योगदान देने पर है। रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर की दोस्ती का यह छोटा सा किस्सा भी इस मैच की यादगार घटनाओं में शामिल हो गया। एक खिलाड़ी के बल्ले से दूसरे खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन करना क्रिकेट की दोस्ती और टीम भावना को दर्शाता है। लॉर्ड्स में रोहित का शतक भले ही टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन उनकी पारी और शार्दुल के बल्ले का कनेक्शन लंबे समय तक क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा में रहेगा।