दुर्ग। आगामी राष्ट्रीय जनगणना को लेकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला प्रशासन ने गृह विभाग की अधिसूचना के तहत सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत सभी नागरिकों को प्रगणक (Census Enumerator) द्वारा पूछे गए वैधानिक प्रश्नों का सही उत्तर देना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, जवाब देने से इनकार करता है, या जनगणना के लिए मकानों पर लिखे गए नंबरों को मिटाता या नुकसान पहुंचाता है, तो उस पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, जनगणना कार्य में बाधा डालने या अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने पर जुर्माने के साथ-साथ अधिकतम 3 वर्ष तक की जेल का भी कड़ा प्रावधान है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को अपने घरों में प्रगणकों को प्रवेश देने और मकानों पर चिन्ह लगाने की अनुमति देनी होगी। हालांकि, स्थानीय सामाजिक परंपराओं और घरेलू रूढ़ियों का पूरा सम्मान किया जाएगा। किसी भी महिला को उसके पति या मृत पति का नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। प्रगणकों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे शालीन व्यवहार करें और केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सवाल ही पूछें।
जनता के भ्रम को दूर करते हुए जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जनगणना में जुटाए गए सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे और इन्हें किसी भी दीवानी या आपराधिक मामले में कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का प्राथमिक उपयोग सरकारों द्वारा सटीक नीति निर्धारण, लोक प्रशासन और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए किया जाता है।
