नई दिल्ली। वैश्विक कूटनीति के गलियारों से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर आ रही है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब 7 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत का ऐतिहासिक दौरा करने जा रहे हैं। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जिनपिंग आगामी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 (BRICS Summit) में हिस्सा लेंगे। भारत इस साल ब्रिक्स देशों की अध्यक्षता कर रहा है। शी जिनपिंग का यह दौरा बेहद खास है, क्योंकि इससे पहले वे साल 2019 में चेन्नई के मामल्लापुरम आए थे, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया।
दिलचस्प बात यह है कि इस महामंच पर सिर्फ जिनपिंग ही नहीं, बल्कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद रहेंगे। क्रेमलिन के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव और रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ (TASS) ने पुतिन के भारत आने की पुष्टि कर दी है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा, इससे पहले वे दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आए थे। इस समिट के दौरान नई दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक बेहद अहम द्विपक्षीय बैठक भी तय मानी जा रही है। भारत के इस शिखर सम्मेलन में दुनिया के इन दो सबसे शक्तिशाली नेताओं का एक साथ जुटना भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है, जो आने वाले समय में दुनिया के नए समीकरण तय करेगा।
