रायपुर। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। गांव-गांव में लगाए जा रहे समाधान शिविरों में आमजन की मांगों और शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जिससे लोगों में शासन के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ा है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले के प्रतापपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम रेवटी में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर विभिन्न विभागों से जुड़ी मांगें और समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। शिविर में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई। शिविर के दौरान गोविंदपुर निवासी महिला किसान रीता अगरिया ने पशुधन विभाग में आवेदन प्रस्तुत कर उन्नत नस्ल के बकरे की मांग की। रीता अगरिया लंबे समय से बकरी पालन से जुड़ी हुई हैं और बेहतर नस्ल के पशु के माध्यम से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाकर आय में वृद्धि करना चाहती थीं। महिला की आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए पशुधन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्नत नस्ल का बकरा स्वीकृत कर दिया। आवेदन पर तुरंत स्वीकृति मिलने से रीता अगरिया बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि पहले योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन स्वयं गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और मौके पर समाधान भी दे रहा है। रीता अगरिया ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जैसे आयोजन ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ समय पर लाभ भी प्राप्त हो रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
महिला किसान की मांग पर तुरंत एक्शन: पशुधन विभाग ने मंजूर किया उन्नत नस्ल का बकरा
